देहरादून , दिसंबर 04 -- उत्तराखंड में फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र के सहारे सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले शिक्षकों का मामला गंभीर होता जा रहा है। शिक्षा विभाग की जांच में एलटी और प्रवक्ता श्रेणी के कुल 52 शिक्षक संदिग्ध पाए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 37 शिक्षक टिहरी जिले में तैनात हैं जबकि देहरादून में सात, हरिद्वार और पौड़ी में तीन-तीन और उत्तरकाशी में दो शिक्षक चिन्हित हुए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि इन शिक्षकों में से पांच पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं और छह लंबे समय से सेवा से अनुपस्थित चल रहे हैं। सभी शिक्षक 1987 से 2019 के बीच सरकारी सेवा में आए थे और नियुक्ति के दौरान संदिग्ध दिव्यांगता प्रमाण पत्रों का उपयोग किया गया था।
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