देहरादून , मार्च 11 -- उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने मध्य एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र प्रदेश में एलपीजी व ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करने के लिए बुधवार को भराडीसैंण में उच्चस्तरीय बैठक की।
बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े, इसके साथ ही इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर और अन्य संबंधित अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अफवाहों पर कड़ी नजर रखी जाए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को प्रभावित न होने दिया जाए।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व द्वारा अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने की कोशिश की जाती है तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और डायवर्जन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जिलों में नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया है।
श्री बर्द्धन ने कहा कि तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में त्वरित प्रतिक्रिया टीम गठित की जाए। यह टीम गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेगीउन्होंने अधिकारियों को जिलों में कार्यरत ऑयल कंपनियों और गैस एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित समस्या की जानकारी तुरंत राज्य स्तर पर साझा की जाए ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।
बैठक में इंडियन ऑयल के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर कृष्ण कुमार गुप्ता और स्वर्ण सिंह ने जानकारी दी कि राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।
मुख्य सचिव ने राज्य स्तरीय आपदा कंट्रोल रूम और जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित