देहरादून , जनवरी 08 -- उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना ने गुरुवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात की। उन्होंने नगर निकायों में वर्तमान जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर स्थाई सफाईकर्मियों की नियुक्ति की मांग की।
श्री मकवाना ने कहा कि नगर निकायों के ढांचे में संशोधन कर, जनसंख्या एवं क्षेत्रफल मानकों के आधार पर नये पद सृजन कर सफाई कर्मचारियों की स्थाई भर्ती की जाये। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी उच्च जोखिम वाला कार्य करते हैं, लेकिन उनका वेतन बहुत कम है। उन्होंने इन कर्मचारियों को पीआरडी अथवा उपनल के समान वेतन देने की मांग की। उन्होंने राज्य में हाथ से मैला उठाने वालों का सही ढंग से चिह्निकरण नहीं होने पर अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन की इस लापरवाही से इन कर्मचारियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने नगर निकायों में पारदर्शिता के साथ सफाई कर्मचारियों की भर्ती किए जाने के अलावा, उनके नियमितीकरण शीघ्र करने, उनको भूमि अथवा आवास दिए जाने तथा भारतीय जनता पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र 2022 के अनुसार, एक लाख रुपए तक के ऋण माफ किए जाने का प्रबल समर्थन किया। उन्होंने सभी जिलाधिकारी को केंद्र सरकार की मैन्युअल स्कैवेंजर अधिनियम 2013 के अनुसार सर्वेक्षण प्रशिक्षण और पुनर्वासन आदि योजनाओं का लाभ दिए जाने की भी पैरवी की।
मुख्य सचिव ने सभी बिन्दुओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इस दौरान, राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश राजोरिया, विशाल बिरला, प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा राजीव राजौरी, उपाध्यक्ष विनोद घाघट आदि उपस्थित रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित