देहरादून , जनवरी 07 -- उत्तराखंड के पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था एवं पुलिस मुख्यालय के मुख्य प्रवक्ता सुनील कुमार मीणा ने बुधवार को राज्य पुलिस को अंतर-संचालित आपराधिक न्याय प्रणाली 2.0 में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने की जानकारी दी।
श्री मीणा ने यहां सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि उत्तराखंड पुलिस ने दो महत्वपूर्ण उपलब्धियों हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड पुलिस ने एक बार फिर डिजिटल पुलिसिंग और न्याय प्रणाली के आधुनिकीकरण पर अपनी अग्रणी भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की ओर से प्रकाशित रिपोर्ट की मासिक रैंकिंग में राज्य ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य पुलिस की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम 2.0 को 2026 तक पूर्ण रूप से लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसके तहत राज्यों को पुलिस, अभियोजन,जेल, फॉरेंसिक और फिंगरप्रिंट डाटाबेस को एकीकृत करके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ना है। उत्तराखंड की पुलिस ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अधिकतर मॉडल्स का समय से पहले एकीकरण कर लिया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जारी की गई रैंकिंग के अनुसार उत्तराखंड को इसमें 93.46 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि हरियाणा को 93.41 के साथ दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है और असम को 93.16 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान मिला है।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 में उत्कृष्ट सेवा के बदले उत्तराखंड की राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी सम्मानित किया गया है। एसडीआरएफ के 112 सदस्यों के दल ने पिछले साल 24 जनवरी से 27 फरवरी तक संगम नोज समेत अति संवेदनशील क्षेत्रों में पूरी निष्ठा और समर्पण भाव के साथ उत्कर्ष ड्यूटी का निर्वहन किया। जिसको देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड की एसडीआरएफ के सभी अधिकारियों और जवानों को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रदत्त मेडल और प्रशस्ति पत्र पुलिस महानिरीक्षक मीणा ने एसडीआरएफ के अधिकारियों और जवानों को प्रदान किए हैं।
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