काशीपुर/नैनीताल , नवंबर 04 -- उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती के मौके पर मंगलवार को काशीपुर में प्रथम राज्य स्तरीय शहरी विकास सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से हमारी सरकार उत्तराखंड के विकास को एक नई दिशा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

जहां एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड की जनता को देने का प्रयास किया का रहा है।

उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार 82.50 करोड़ रुपये की लागत से 52 स्थानीय निकायों में 115 अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। जिसमें से लगभग 40 केंद्रों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि ये हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है कि हमारा गौरवशाली राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में, जब हमारे शहर अपने स्वरूप में ढल रहे थे, तब हमारे निकायों के सामने बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ आवश्यक संसाधनों का भी अभाव हुआ करता था। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं ने भी विकास कार्यों की गति को अत्यधिक प्रभावित किया। परंतु इन 25 वर्षों की इस गौरवमयी यात्रा में हमारे राज्य ने अनेकों चुनौतियों का सामना करते हुए विकास, समृद्धि और सुशासन के नए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

श्री धामी ने कहा कि मेरा हमेशा से मानना रहा है कि यदि हमारे राज्य की आत्मा उसके गाँवो में बसती है तो शहरों में हमारे नागरिकों के सपने और आकांक्षाएँ आकार लेते हैं। इसी सोच के साथ हमने शहरी विकास को अपनी प्राथमिकताओं के केंद्र में रखा है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखण्ड का नगरीय स्वरूप तेजी से बदला है। वर्ष 2001 में जहाँ हमारी शहरी जनसंख्या लगभग 16 प्रतिशत थी, वहीं आज ये बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। यही नहीं, राज्य गठन के समय हमारे यहाँ केवल 63 स्थानीय निकाय थे और देहरादून एकमात्र नगर निगम हुआ करता था, लेकिन आज, हमारे राज्य में 107 नगरीय निकाय और 11 नगर निगम, हमारे शहरों के विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के समय शहरी विकास विभाग का बजट जहाँ पहले केवल 55 करोड़ था, वहीं आज ये बढ़कर 13 सौ करोड़ रुपये से भी अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि इन बीते 25 वर्षों में हमारे शहरों ने न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की है, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के अनगिनत अवसर भी सृजित किए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से आज देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे जैसे जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को सशक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा शहरी विकास को तकनीक और नागरिक सुविधा के साथ जोड़ते हुए एक आदर्श नगर विकास का मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाखों गरीब परिवारों को अपने खुद के पक्के घर प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रत्येक नगर निकाय में रजत जयंती पार्कों का भी निर्माण करा रहे है जिसमें से अब तक 57 पार्कों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर अपने प्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे है। हमारी राज्य सरकार द्वारा एक ओर जहां, प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है। वहीं, लोकल फॉर वोकल', मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के स्वप्न को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हम राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। एक ओर जहां हम एक जनपद, दो उत्पाद योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से हमारे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने का काम भी कर रहे हैं।

श्री धामी ने कहा कि हम स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों के माध्यम से हम प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का वृहद कार्य भी कर रहे हैं। इन योजनाओं से न केवल राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि पर्यटन और कृषि क्षेत्रों में भी नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि विभिन्न चुनौतियों के बावजूद विगत 4 वर्षों में हमारे प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है। उन्होंने कहा कि ये हम सभी के लिए बड़े गर्व का विषय है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।

श्री धामी ने निकायों का आह्वान करते हुए कहा कि हर निकाय अपने क्षेत्र में एक प्रेरक मॉडल परियोजना शुरू करे। स्वच्छता, जल-संरक्षण और हरियाली अभियान को जन आंदोलन बनाए। नागरिक सेवाओं में डिजिटल पारदर्शिता लाए और युवाओं को स्थानीय रोजगार व नवाचार से जोड़े।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित