पिथौरागढ़ , दिसंबर 05 -- खेल मंत्री रेखा आर्या ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्र में भी अब खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य यह है कि उत्तराखंड के हर गांव से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन निकलें, तभी पर्वतीय राज्य को खेल भूमि के रूप में पहचान दिलाने का हमारा सपना साकार हो सकेगा।
श्रीमती आर्य ने यह बात पिथौरागढ़ के मुवानी में शेर सिंह कार्की मेमोरियल खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कही। इस प्रतियोगिता में जिले भर की ग्रामीण अंचलों की टीमें हिस्सा ले रही हैं।
प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने बहुत सारे ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा और हमारे युवा खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
खेल मंत्री ने कहा कि एथलेटिक्स में ज्यादातर चैंपियन ग्रामीण अंचल से ही निकलते हैं और यह प्रतियोगिता भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत को मिली है और सरकार यह प्रयास करेगी की मेजबानी में देवभूमि उत्तराखंड की भी कुछ ना कुछ भागीदारी जरूर रहे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने निर्माणाधीन खेल मैदान का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से कहा कि पूर्ण गुणवत्ता के साथ निश्चित समय अवधि में इस खेल मैदान को तैयार करें। यह काम इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाना चाहिए। खेल मंत्री ने आगे कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को निखार कर राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में खेल मैदान बड़ी भूमिका निभाएंगे।
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