देहरादून , जनवरी 15 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में गन्ना किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कैबिनेट मीटिंग में हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए सचिव, मुख्यमंत्री शैलेश बगौली ने संवाददाताओं को बताया कि कैबिनेट ने गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पेराई सत्र 2025-26 को प्रदेश की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों को बैंको से ऋण लिये जाने के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया। इसी समयावधि में राज्य सरकार द्वारा राज्य की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों डोईवाला, किच्छा, नादेही व बाजपुर को कुल रू० 270.28 करोड़ की शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया।
राज्य की चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्र 2025-26 में क्रय किये जाने वाले गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य एवं गन्ना विकास अंशदान (कमीशन) की दर निर्धारित किये जाने पर कैबिनेट ने सहमति प्रदान की।
उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन विभाग के निजी सचिव संवर्ग की सेवा नियमावली अनुमोदित कर दी गई है और उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार का नाम "उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम्" किये जाने का निर्णय भी किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यू-कॉस्ट) के अन्तर्गत उप आंचलिक विज्ञान केन्द्र, अल्मोड़ा एवं विज्ञान केन्द्र, चम्पावत के लिए कुल 12 पदों का सृजन किये जाने का भी कैबिनेट ने अनुमोदन प्रदान किया है।
श्री बगौली ने बताया कि कम्पनी अधिनियम 2013 की धारा 395 (इ) के अनुपालन में पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन आफ उत्तराखण्ड लि० के वित्तीय वर्ष 2024-25 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को विधान सभा के पटल पर रखे जाने का कैबिनेट ने अनुमोदन किया। साथ ही, वन विकास निगम के वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं वर्ष 2022-23 के वार्षिक लेखों की सम्परीक्षा राज्य विधान सभा को प्रस्तुत किये जाने के संबंध में भी अनुमोदन किया है।
कैबिनेट ने बागवानी मिशन योजनान्तर्गत, एन्टीहेल नेट योजना पर भारत सरकार द्वारा देय 50 प्रतिशत राज सहायता के अतिरिक्त राज्यांश के रूप में 25 प्रतिशत अतिरिक्त राज सहायता प्रदान किये जाने का निर्णय किया है। इसके अलावा, दून विश्वविद्यालय, देहरादून में हिन्दू अध्ययन केन्द्र (सेंटर ऑफ हिन्दू स्टडीज) में 6 पदों के सृजन की मंजूरी प्रदान की गई। इसके अलावा, बड़ा निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने उपनल द्वारा प्रायोजित कर्मियों को प्रथम चरण में 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन से संबंधित लाभ प्रदान करने का निर्णय भी कर दिया है।
सचिव, मुख्यमंत्री श्री बगौली ने बताया कि उच्चतम न्यायालय, के आदेश के अनुपालन में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी की संस्तुतियों के क्रम में एनडीपीएस एक्ट, पॉक्सो एक्ट, एनआई एक्ट प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट एण्ड पीएमएलए से सम्बन्धित वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए राज्य में प्रथम चरण में जनपद देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल एवं ऊधम सिंह नगर में 16 विशेष न्यायालयों (07 अपर जिला न्यायाधीश एवं 09 अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विशेष न्यायालय) के लिए कुल 144 पद सृजित किए जाने को अनुमोदन प्रदान किया गया।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड की पंचम विधान सभा के वर्ष 2026 का प्रथम सत्र (आय-व्ययक अधिवेशन) आहूत करने को मुख्यमंत्री को अधिकृत किया। इसके अलावा, औद्योगिक विकास (खनन) विभाग से संबंधित अधिसूचना सं0 613, दिनांक 07.03.2025 द्वारा गौला, कोसी, दाबका व नन्धौर को लागू संशोधित बिक्री दर में अंकित शब्द "नन्धौर" के स्थान पर "नन्धौर एव अन्य नदियां" अंकित करते हुए तद्नुसार संशोधन किये जाने का अनुमोदन भी किया गया है। इतना ही नहीं, कैबिनेट ने युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग में संचालित योजना "खेल महाकुम्भ' के अन्तर्गत होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताओं में विधानसभा स्तर पर विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी तथा रू. 01.00 लाख की प्रोत्साहन राशि, संसदीय क्षेत्र स्तर पर सांसद चैम्पियनशिप ट्राफी तथा रू. 02.00 लाख की प्रोत्साहन राशि एवं राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी तथा रू. 05.00 लाख की पुरस्कार धनराशि प्रदान किये जाने का निर्णय लिया है।
श्री बगौली ने बताया कि कैबिनेट ने उत्तराखण्ड राज्य अवस्थापना विकास निगम (ब्रिडकुल) के कार्यों में विस्तार करते हुए ब्रिडकुल को रोपवे, आटोमेटेड/मैकेनाईज्ड कार पार्किंग, टनल/कैविटी पार्किंग से सम्बन्धित निर्माण कार्यों को राज्य की कार्यदायी संस्थाओं की सूची में सम्मिलित किये जाने का निर्णय लिया है। इसके साथ उत्तराखण्ड दस्तावेजों की सूची प्रारूप नियमावली, 2025 का अनुमोदन और समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड (संशोधन) अध्यादेश (यूसीसी) 2025 लाने पर सहमति जताई है।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम स्टे एवं बेड-एण्ड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026" का प्रख्यापन किये जाने का निर्णय किया है। जिसके तहत अब होम स्टे योजना का लाभ राज्य के स्थायी निवासी ही ले सकेंगे। साथ ही श्री केदारनाथ धाम में खच्चर के गोबर को पर्यावरण अनुकूल ईंधन पेलेट में परिवर्तित किए जाने सम्बन्धित पायलट प्रोजेक्ट को संचालित किये जाने का अनुमोदन किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित