ऋषिकेश, फ़रवरी 06 -- उत्तराखंड में नगर निगम ऋषिकेश ने शहर को स्वच्छ, पवित्र और स्वस्थ बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए तंबाकू उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विशेष उपविधि के माध्यम से तंबाकू बिक्री को विनियमित करने पर सहमति बनी।

बैठक में नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण का यह विशेष मॉडल वर्तमान में देश के केवल 7 से 8 शहरों में ही लागू है। ऋषिकेश इस व्यवस्था को अपनाने वाला उत्तराखंड का पहला शहर बन गया है, जो जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य के लिए एक नई मिसाल है।

नगर निगम ने धार्मिक मर्यादा और नई पीढ़ी के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए निर्णय लिया है कि अब शहर के किसी भी मंदिर परिसर, विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों एवं गंगा घाटों के 200 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर संबंधित दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।

नगर निगम यह अभियान बालाजी सेवा संस्थान के सहयोग से संचालित कर रहा है। संस्थान के विशेषज्ञ नागरिकों को तंबाकू से होने वाले कैंसर एवं अन्य घातक बीमारियों के प्रति जागरूक करेंगे। नगर आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में शहर में तंबाकू विक्रय की 134 दुकानों की पहचान की गई है, जिनमें से 18 दुकानों का पंजीकरण पूर्ण हो चुका है। शेष दुकानदारों को शीघ्र पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा बिना लाइसेंस तंबाकू बिक्री को अवैध माना जाएगा।

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