देहरादून , जनवरी 21 -- मौसम विभाग ने 23 जनवरी को उत्तराखंड में बारिश, बर्फबारी की चेतावनी की गंभीरता को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बुधवार को सभी संबंधित जनपदों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में संभावित बारिश, बर्फबारी, पाला, शीतलहर एवं उससे उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों के मद्देनजर जनपदों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उन्होंने सभी जिलों से कहा है कि मौसम खराब रहने की संभावना के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरती जाए तथा सभी कार्यदायी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। विशेष रूप से पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, पशुपालन एवं नगर निकाय विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सचिव ने निर्देश दिए कि संवेदनशील, दूरस्थ एवं उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव के लिए पूर्व से ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
जरूरत पड़ने पर समय रहते गर्भवती महिलाओं को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए तथा एंबुलेंस सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।
बर्फबारी के कारण मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका को देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं उच्च हिमालयी मार्गों पर जेसीबी, स्नो कटर एवं अन्य आवश्यक मशीनरी की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोलना सुनिश्चित किया जाए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए।
फिसलन एवं दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए सुमन ने पाला प्रभावित क्षेत्रों में नमक एवं चूने के छिड़काव के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने कहा कि सभी जनपद संवेदनशील सड़कों, पुलों एवं पैदल मार्गों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा आवश्यकता पड़ने पर यातायात को नियंत्रित या अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाए।
ठंड से बचाव के लिए उन्होंने सार्वजनिक स्थलों एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में अलाव की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों एवं अधिक ठंड प्रभावित इलाकों में रैन बसेरों में बिजली, पेयजल, पर्याप्त बिस्तर, हीटर तथा पानी गर्म करने की रॉड जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि ठंड के दौरान कोई भी व्यक्ति असुरक्षित न रहे।
पशुधन की सुरक्षा पर जोर देते हुए सचिव ने निर्देश दिए कि पशुओं को ठंड, बर्फबारी एवं पाले से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं। इसके अंतर्गत पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय, चारे एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालकों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
इसके साथ ही जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को कंबल का वितरण समय से सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
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