बलरामपुर , नवंबर 16 -- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी शुरू होते ही प्रशासन ने अवैध धान की आवक रोकने के लिए निगरानी तेज कर दी है।

कलेक्टर राजेंद्र कटारा के निर्देश पर मंडियों में केवल वास्तविक किसानों का ही धान खरीदे जाने और संदिग्ध परिवहन पर कठोर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। अवैध धान की लगातार मिल रही सूचनाओं के बीच प्रशासन की सख्ती का असर जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है।

अधिकारियों ने शुक्रवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तरप्रदेश से अवैध रूप से धान लेकर आ रही दो पिकअप वाहनों को जब्त किया। एसडीएम रामानुजगंज आनंद राम नेताम के नेतृत्व में राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने दोनों वाहनों का लगभग चार से पाँच किलोमीटर तक पीछा किया तथा सुबह करीब 3:30 बजे उन्हें रोकने में सफलता प्राप्त की। जांच के दौरान चालकों के पास धान के परिवहन से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं मिले, जिसके बाद दोनों पिकअप को जब्त कर संबंधित थाना में सुपुर्द कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार वाहनों में लगभग 200 बोरी धान लदा हुआ था।

श्री नेताम ने कहा,"सीमावर्ती जिला होने के कारण बाहरी राज्यों से अवैध धान की आवक हर साल बढ़ जाती है। इस बार प्रशासन ने शुरुआत से ही सख्त रुख अपनाया है और इसी कारण ऐसी गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई हो पा रही है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक कोचियों और बिचौलियों की गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं होतीं, तब तक गश्त और नाकेबंदी लगातार जारी रहेगी।

जिले में हुई इस कार्रवाई की प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी प्रशंसा की। बलरामपुर दौरे के दौरान धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा,"सरकार केवल वास्तविक किसानों का ही धान खरीदेगी। अवैध धान की खरीद-फरोख्त में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन द्वारा की जा रही त्वरित कार्रवाई किसान हितों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।"मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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