जोधपुर , नवंबर 21 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत उत्तरप्रदेश में क्यों नहीं करने का सवाल करते हुए कहा है कि यह उच्चत्तम न्यायालय में न्यायिक विचाराधीन मामला है, ऐसे में देश में एसआईआर की शुरुआत करने में थोड़ा इंतजार करना चाहिए था।
श्री गहलोत ने शुक्रवार को यहां मीडिया से बातचीत में प्रदेश में चल रहे एसआईआर के संदर्भ में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में यह बात कही। उन्होंने कहा कि अब जो एसआईआर की बारह राज्यों में शुरुआत की गई, उततर प्रदेश में क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उच्चत्तम न्यायाल में मामला चल रहा है एसआईआर का, थोड़ा इंतजार करते। न्यायालय में सब जूडिश केस है और शुरुआत कर दी गई। इसमें नीयत की खोट लगती है, इसलिए पूरे देश के लोगों में आक्रोश भी है, गुस्सा भी है और चुनाव आयोग पर अविश्वास पैदा हो गया है। यह उचित नहीं है।
उन्होंने कहा "मेरी दृष्टि में प्रारंभ से ही चुनाव आयोग का रवैया ठीक नहीं रहा है। ये ऐसे इंपॉर्टेंट काम होते हैं, चुनाव आयोग पर पूरा लोकतंत्र कायम रहता है। निष्पक्ष चुनाव हों और वोटर लिस्ट बिल्कुल सही बनें, फर्जी वोट उसमें नहीं हो, असली वोट बाहर नहीं रहे, यही तो होता है पर जिस प्रकार का रवैया इन्होंने दिखाया जब राहुल गांधीजी ने इनको सूचना दी कि भई मेरी दृष्टि के अंदर मैंने जांच करवाई है, आप तो इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट दे नहीं रहे हो जिससे ऑटोमेटिकली मालूम पड़ता है कि कौन सा वोट डबल आया हुआ है, तो मैं आपको सूचित कर रहा हूं ,एक लाख दो सौ पचास वोट जो हैं ये फर्जी बने हुए हैं। चुनाव आयोग को खाली इतना ही कहना था कि जांच करवा देते हैं और कुछ नहीं कहना था। अपने आप ही जांच होती महीने भर, बीस दिन में और परिणाम बता देते, भाई इसमें ये गलती है, ये गलती नहीं है, खत्म हो गई बात।" श्री गहलोत ने कहा "जितनी हमारी एजेंसी हैं ज्यूडिशरी हो, चाहे वो सीबीआई, इनकम टैक्स, ईडी हो, चाहे वो चुनाव आयोग हो ,ये देश की महत्वपूर्ण एजेंसियां हैं देश हित में। पर जिस प्रकार का रवैया सभी एजेंसियों ने अडॉप्ट कर रखा है, उससे देश में सरकार के प्रति भी अविश्वास पैदा हो गया है। यह स्थिति बन गई।" उन्होंने कहा कि वोट चोर की बात क्यों कही गई। वोट चोर, गद्दी छोड़ का नारा क्यों लगाया गया। यह जो डाउट क्रिएट हो गए, इसलिए इस प्रकार नौबत आ गई। लोकतंत्र में नियमों का पालन करना आवश्यक है।
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