चंडीगढ़ , फरवरी 10 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अनुसूचित जाति कल्याण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली उत्कृष्ट पंचायतों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन अनुदान को दोगुना करने की घोषणा की है। अब यह राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये की जाएगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रत्येक थाने में अलग से इन्वेस्टिगेशन विंग स्थापित करने का भी ऐलान किया, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम 1989 और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए आयोजित राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट पंचायतों के चयन में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गांवों में अनुसूचित जाति के विरुद्ध अत्याचार न हों, एससी कंपोनेंट की राशि का पूर्ण उपयोग हो, नशा विरोधी अभियान चलाए जाएं, पराली न जलाई जाए और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान किया जाए।

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