भोपाल , मार्च 30 -- मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में 3 से 5 अप्रैल तक "महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम" विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान पर वैश्विक स्तर पर मंथन होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 अप्रैल को सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन का आयोजन उज्जैन के समीप डोंगला में किया जाएगा, जबकि उद्घाटन तारामंडल परिसर में होगा।

तीन दिवसीय इस सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिक, खगोलविद, शिक्षाविद, शोधार्थी और अंतरिक्ष क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान साइंस सेंटर का उद्घाटन भी किया जाएगा तथा यूएवी, रिमोट कंट्रोल और सैटेलाइट निर्माण जैसे विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी।

यह आयोजन मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ और विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न राष्ट्रीय संस्थान भी सहयोगी हैं। डोंगला, जो कर्क रेखा के निकट स्थित होने के कारण प्राचीन काल से खगोल विज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, सम्मेलन का प्रमुख स्थल होगा। यहां उज्जैन-डोंगला को वैश्विक मेरिडियन के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी।

सम्मेलन में स्पेस इकोनॉमी, खगोल विज्ञान, कॉस्मोलॉजी, भारतीय काल गणना पद्धति और स्पेस सेक्टर की रणनीतियों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। साथ ही तकनीकी सत्र, पैनल चर्चा, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। यह सम्मेलन उज्जैन को वैश्विक टाइम स्केल सेंटर के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है और इससे सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को भी बल मिलेगा।

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