उज्जैन , मार्च 28 -- मध्यप्रदेश के उज्जैन की एक स्थानीय अदालत ने मारपीट कर हत्या करने के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के विशेष न्यायाधीश अरविंद प्रताप सिंह चौहान ने आरोपी रतनलाल गुर्जर को भादवि की धारा 302, 404 एवं 201 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास तथा कुल तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन के अनुसार 19 सितंबर 2023 को वरदीबाई घर से सब्जी लेने के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। उनके पुत्र मुन्नालाल ने तलाश के बाद नागदा थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई।

21 सितंबर 2023 को पुलिस को चंबल नदी किनारे एक अज्ञात महिला का शव टाट के बोरे में मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि शव का सिर और हाथ बाहर निकले हुए थे। इसके बाद मामले में जांच शुरू की गई। पुलिस ने आवश्यक अनुसंधान कर साक्ष्य एकत्रित किए और प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

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