उज्जैन , दिसंबर 13 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दो वर्षों के नेतृत्व में प्राचीन नगरी उज्जैन में आगामी 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर यहां चल रहे 25 हजार करोड रुपए से अधिक की परियोजना के विकास कार्य चल रहे हैं।
आधिकारिक जानकारी में बताया कि इस नगरी में प्रत्येक 12 वर्ष में पुण्य सलिला शिप्रा के तट पर सिंहस्थ महापर्व का आयोजन होता है, जो पृथ्वी पर सबसे बड़े धार्मिक समागमों में से एक है। सिंहस्थ नाम, ज्योतिषीय गणना पर आधारित है। जब बृहस्पति (गुरु) ग्रह सिंह राशि पर और सूर्य मेष राशि पर विराजमान होते हैं, तब यहां सिंहस्थ .कुंभ. का आयोजन होता है। राजा विक्रमादित्य की राजधानी रही यह भूमि, शून्य और पंचांग की गणना का केंद्र थी। महाकवि कालिदास ने यहीं मेघदूत की रचना की, और महर्षि सांदीपनि के आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की। उज्जैन केवल धर्म का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय खगोल विज्ञान और गणित का भी ध्रुव केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री का मुख्य उद्देश्य है कि सिंहस्थ 2028 तक महाकाल परिसर को ऐसा बनाना, जहाँ एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को विश्व-स्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पिछले दो वर्षों के दौरान विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर मंदिर की नगरी को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में बनाने के लिए युद्धस्तर पर अधोसंरचना विकास कार्य किए जा रहे हैं। ये निर्माण कार्य न केवल सिंहस्थ की भव्यता को बढ़ाएंगे, बल्कि उज्जैन को एक विश्वस्तरीय धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाते हैं।
सिंहस्थ महापर्व के लिए 25 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को लागू करना मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रशासनिक दक्षता और उज्जैन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नदी शुद्धिकरण जैसी प्रमुख और महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करना, तथा विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय विभागों को एक साथ लाकर 166 कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करना, उनके 2 वर्ष के कार्यकाल की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह वृहद विकास कार्य उज्जैन को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक विश्वस्तरीय नगर के रूप में स्थापित करेगा।
डॉ. यादव के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों से उज्जैन के विकास को एक नई और महत्वाकांक्षी दिशा मिली है। चूंकि डॉ. यादव स्वयं उज्जैन से हैं, इसलिए इस नगरी के विकास की संकल्पना उनके लिए केवल राजनीतिक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है। उनका कार्यकाल उज्जैन को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की उपलब्धियों पर केंद्रित रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गठित मंत्रि-मंडलीय समिति ने सिंहस्थ महापर्व के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्यों को मंजूरी दी है। इस समिति के गठन 06 जून 2024,के बाद से सिंहस्थ की तैयारियों को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गई।
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