उज्जैन , जनवरी 08 -- एशियन वॉटरबर्ड सेंसस (एडब्ल्यूसी) 2026 के अंतर्गत उज्जैन जिले के विभिन्न तालाबों और जलाशयों में 67 पक्षी प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं। इस गणना के साथ ही महाकाल की नगरी अवंतिका में विदेशी पक्षियों की उल्लेखनीय मौजूदगी सामने आई है।

जिला वनमण्डलाधिकारी अनुराग तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह उज्जैन की जैव विविधता के इतिहास में एक स्वर्णिम उपलब्धि है। 3 और 4 जनवरी को जिले के अलग-अलग तालाबों और जलाशयों में पक्षी सर्वेक्षण किया गया, जिसमें कुल 17 बर्डवॉचर्स की टीम ने भाग लिया।

सर्वेक्षण के दौरान उंडासा तालाब, सिलारखेड़ी तालाब, उज्जैन रोड क्षेत्र, गोगापुर क्षेत्र तथा पुरुषोत्तम सागर तालाब में पक्षियों की गणना की गई। प्रमुख रूप से देखी गई प्रजातियों में ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट, लेसर व्हिस्लिंग डक, इंडियन स्पॉट बिल्ड डक, सारस क्रेन, नॉर्दर्न शोवेलर, कॉमन सैंडपाइपर, वुड सैंडपाइपर, यूरेशियन कूट, मूरहेन, व्हाइट वैगटेल, ग्रे वैगटेल, साइबेरियन स्टोनचैट सहित अन्य पक्षी शामिल रहे।

विशेषज्ञों के अनुसार सर्वेक्षण के दौरान कोहरे की स्थिति के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में पक्षियों का दर्ज होना उज्जैन जिले की समृद्ध पक्षी जैव विविधता को दर्शाता है और संरक्षण प्रयासों के लिए यह एक उत्साहजनक संकेत है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित