नैनीताल , जनवरी 06 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने गढ़वाल मंडल में स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक मां भगवती ज्वालपा मंदिर परिसर में कथित अतिक्रमण व हक हकूक के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और अन्य पक्षकारों से दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है।

इस मामले को पौड़ी निवासी हरिकिशन थपलियाल की ओर से चुनौती दी गई है। साथ ही इस प्रकरण पर मुख्य न्यायधीश जी0 नरेंदर और व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ में सुनवाई हुई।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि पौड़ी गढ़वाल के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक मां भगवती ज्वालपा देवी मंदिर अतिक्रमण का शिकार है। मंदिर परिसर में कुछ लोगों ने अतिक्रमण किया है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इससे श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

याचिकाकर्ता की ओर से मंदिर को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की गयी है। याचिका में राज्य सरकार समेत सभी अतिक्रमणकारियो को पक्षकार बनाया गया है और सभी को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

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