चंडीगढ़ , मार्च 25 -- पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय में एफआईआर की कॉपी डाउनलोड करने पर 80 रुपये शुल्क लगाने के खिलाफ याचिका दायर की गई है। यह याचिका अधिवक्ता वासु रंजन शांडिल्य और अभिषेक मल्होत्रा ने दाखिल की है।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पंजाब पुलिस द्वारा ''सांझ'' पोर्टल/ऐप के माध्यम से एफआईआर डाउनलोड करने पर शुल्क लेना आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनका तर्क है कि कानून के अनुसार एफआईआर की प्रति शिकायतकर्ता या पीड़ित को निःशुल्क मिलनी चाहिए, जबकि इसे सार्वजनिक दस्तावेज माना जाता है।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि उच्चतम न्यायालय पहले ही एफआईआर को ऑनलाइन उपलब्ध कराने और मुफ्त में देखने/डाउनलोड करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कह चुका है। ऐसे में शुल्क वसूली नियमों के विपरीत है।

अधिवक्ताओं ने अदालत से मांग की है कि इस शुल्क से संबंधित अधिसूचना को रद्द किया जाए और पंजाब पुलिस को निर्देश दिए जाएं कि पोर्टल पर एफआईआर व डीडीआर का मुफ्त डिजिटल एक्सेस बहाल किया जाए। साथ ही, वसूली गई राशि को ब्याज सहित लौटाने की भी मांग की गई है। मामले की जल्द सुनवाई की संभावना है।

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