लखनऊ , नवंबर 19 -- लखनऊ प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के विलय मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने एकल पीठ के फैसले को चुनौती देने वाली दो विशेष अपीलें निस्तारित कर दीं।
अदालत ने राज्य सरकार द्वारा मामले में जारी आदेश के प्रकाश में अपीलों का निपटारा कर दिया। अदालत ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग को आदेश में दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। राज्य सरकार की ओर से आदेश पेश करके कहा गया कि 50 से अधिक बच्चों वाले और एक किलोमीटर से अधिक दूरी वाले स्कूलों की पेयरिंग नहीं की गई।
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह अहम आदेश मामले में दाखिल विशेष अपीलों पर दिया हैं। गत 24 जुलाई को उच्च न्यायालय ने विलय प्रक्रिया में उजागर हुई स्पष्ट अनियमितताओं के मद्देनजर सीतापुर के स्कूलों के विलय पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि यह अंतरिम आदेश देते समय अदालत ने स्कूलों के विलय की सरकार की नीति और इसपर अमल करने की मेरिट पर कुछ नहीं किया है।
राज्य सरकार के मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले में सरकार के 27 अगस्त के आदेश को अदालत में पेश करके कहा गया कि जिन स्कूलों में 50 से अधिक बच्चे हैं और दो स्कूलों की दूरी अगर एक किलोमीटर से अधिक है, तो उनको जोड़ा नहीं जायेगा। सरकार ने एक और आदेश पेश कर कहा कि जिन स्कूलों में 50 से कम बच्चे हैं और जिन दो स्कूलों के बीच एक किलोमीटर से कम दूरी है, उन्हीं की जोड़ने की गई है।
इस पर कोर्ट ने कहा कि स्कूलों की पेयरिंग के स्टेटस से साफ पता चलता है कि पेयरिंग की कारवाई 2009 के आर टी ई अधिनियम और इसके नियमों के तहत की गई है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने अपीलें निस्तारित कर दीं।
उच्च न्यायालय ने पहले सीतापुर में विलय/ पेयरिंग प्रक्रिया पर यथास्थिति का आदेश दिया था। मामले में गत 24 जुलाई को कोर्ट ने मामले में अंतरिम आदेश देकर अगली सुनवाई 21 अगस्त को नियत की थी। अदालत के सामने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए विलय के कुछ दस्तावेजों में साफ अनियमितताएं सामने आईं थीं।
राज्य सरकार की ओर से इनका स्पष्टीकरण देने का समय मांगा गया था। जिनके मद्देनजर कोर्ट ने सीतापुर जिले में स्कूलों की विलय/ पेयरिंग प्रक्रिया पर 21 अगस्त तक मौजूदा स्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। इसके बाद अदालत ने बीते 21 अगस्त को सीतापुर में स्कूलों के विलय पर यथास्थिति बरकरार रखने का अंतरिम आदेश 1 सितंबर तक बढ़ा दिया था।
पहली विशेष अपील सीतापुर के 5 बच्चों ने, और दूसरी भी वहीं के 17 बच्चों ने अपने अभिभावकों के जरिए दाखिल की थी। इनमें स्कूलों के विलय में एकल पीठ द्वारा गत सात जुलाई को दिए गए फैसले को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था।
एकल पीठ ने गत सात जुलाई को स्कूलों के विलय मामले में प्राथमिक स्कूलों के विलय आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया था। एकल पीठ ने यह फैसला सीतापुर के प्राथमिक व उच्च प्रथामिक स्कूलों में पढ़ने वाले 51 बच्चों समेत एक अन्य याचिका पर दिया था। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीती 16 जून को जारी उस आदेश को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था, जिसके तहत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया था।
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