नयी दिल्ली , दिसंबर 08 -- उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी के कथित नौकरी के बदले नकदी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत पर लगायी गयी सख्त शर्तों में ढील दी।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सितंबर 2024 के आदेश में संशोधन किया, जिसमें बालाजी को चेन्नई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के डिप्टी डायरेक्टर के सामने हर सोमवार और शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक पेश होना पड़ता था। न्यायालय ने निर्देश दिया कि अब बालाजी को ईडी अधिकारी के सामने केवल जरूरत पड़ने पर पेश होना होगा, और वह भी पूर्व सूचना मिलने के बाद।
श्री बालाजी की ओर से पेश अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि जांच पूरी हो चुकी है और शिकायत विशेष अदालत में दाखिल हो चुकी है इसलिए साप्ताहिक पेशी की कोई जरूरत नहीं है।
ईडी की ओर से पेश अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह शर्त आरोपों की गंभीरता के कारण लगाई गयी थी।
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