आइजोल , मार्च 15 -- उच्चतम न्यायालय ने पूर्व मिजो सरदारों की ओर से भूमि मुआवजे की मांग को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी है।

मिजो चीफ काउंसिल की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि पूर्व लुशाई हिल्स जिले, जो अब मिजोरम है, में उनकी पारंपरिक भूमि को ब्रिटिश शासन के दौरान बिना उचित मुआवजे के अधिग्रहित कर लिया गया था।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में असफल रहे कि भूमि अधिग्रहण के दौरान उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ था।

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि पूर्व रियासतों के शासकों को दिए गए विशेषाधिकारों के आधार पर मिजो सरदारों को समान अधिकार देने का दावा कानूनी रूप से उचित नहीं है।

पीठ ने पाया कि भूमि अधिकारों के ऐतिहासिक अधिग्रहण को चुनौती देने के लिए कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है और इसी कारण याचिका खारिज कर दी गई।

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