नयी दिल्ली , जनवरी 13 -- उच्चतम न्यायालय ने गैंगस्टर तथा समाज-विरोधी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1986 के तहत दर्ज मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक अब्बास अंसारी की पूर्ण जमानत याचिका को मंगलवार को मंजूरी दे दी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति एम पांचोली की पीठ ने अंसारी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।

पीठ ने कहा कि अंसारी अंतरिम ज़मानत पर लंबे वक्त से ज़मानत पर बाहर हैं और अब तक उन पर इस आज़ादी का दुरुपयोग करने का कोई आरोप नहीं लगा है।

पीठ ने कहा, "याचिकाकर्ता को एक पिछले आदेश में अंतरिम ज़मानत दी गयी थी। यह मामला तब से लंबित है। अंतरिम ज़मानत की आज़ादी के दुरुपयोग का कोई इलज़ाम नहीं है। जांच चल रही है। ऐसे में मामले पर कोई भी टिप्पणी किये बिना अंतरिम ज़मानत को पूर्ण किया जाता है।"इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने सितंबर 2025 में एक ज़मानत की शर्त में ढील दी थी, जिसके तहत श्री अंसारी को लखनऊ में आवंटित किये गये सरकारी आवास में रहना ज़रूरी था।

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अधिवक्ता निज़ाम पाशा ने अंसारी की तरफ से दलीलें दी। श्री पाशा ने कहा कि अंतरिम ज़मानत की अवधि के दौरान श्री अंसारी का व्यवहार संतोषजनक रहा है और राज्य द्वारा दायर स्थिति रिपोर्ट में भी ज़मानत की शर्तों के किसी उल्लंघन का आरोप नहीं लगाया गया है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने इस मामले में प्राथमिकी रद्द कर दी है। पिछले साल फरवरी में, उच्चतम न्यायालय ने जांच अधिकारी को जांच पूरी करने और 10 दिनों के भीतर स्थिति रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था।

इस मामले का एक लंबा कानूनी इतिहास है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मई 2024 में श्री अंसारी की ज़मानत याचिका यह देखते हुए खारिज कर दी थी कि निधि के स्रोत के बारे में उनका स्पष्टीकरण विश्वसनीय नहीं था, खासकर जब वह उस समय मौजूदा विधायक थे। उच्च न्यायालय ने उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और जांच के दौरान शुरुआती गैर-सहयोग के आरोपों पर भी ध्यान दिया था।

इससे पूर्व, उच्चतम न्यायालय ने अप्रैल 2024 में अंसारी को उनके पिता और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की मौत के बाद 'फातिहा' में शामिल होने के लिये अस्थायी अनुमति दी थी।

उच्चतम न्यायालय ने आज के आदेश के साथ अंसारी की ज़मानत की पुष्टि कर दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में ट्रायल कानून के अनुसार जारी रहेगा।

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