कांकेर, जनवरी 05 -- छत्तीसगढ़ में कांकेर जिले के दुधावा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवडोंगर में उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब ग्रामीणों को गांव के एक घर में ईसाई मिशनरियों द्वारा प्रार्थना सभा आयोजित किए जाने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और प्रार्थना सभा का विरोध करते हुए इसे धर्मांतरण का प्रयास बताया।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में भोले-भाले ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उनका कहना है कि गांव की अपनी पारंपरिक आस्था, देवी-देवता, रीति-रिवाज और संस्कृति है, जिसकी रक्षा करना सभी ग्रामीणों की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे गांव में किसी भी प्रकार की जबरन या छिपी हुई धर्म प्रचार गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

घटना के दौरान ग्रामीणों ने शांति बनाए रखते हुए अपना विरोध दर्ज कराया और संबंधित लोगों से प्रार्थना सभा बंद करने को कहा। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से गांव का सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है और आपसी भाईचारे पर असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि धर्मांतरण से जुड़ा कोई प्रयास सामने आता है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में गांव में तनाव की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन और पुलिस तक पहुंचा दी गई है।

फिलहाल देवडोंगर गांव में स्थिति शांत बताई जा रही है। हालांकि ग्रामीण प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और पूरे मामले पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि गांव में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

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