नयी दिल्ली , जनवरी 15 -- ईरान में निरंतर बिगड़ती स्थिति और हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 2500 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबरों के बीच भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने की तैयारी कर रहा है।

सूत्रों ने गुरुवार को कहा, "ईरान में बदलती स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय उन भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी को सुगम बनाने की तैयारी कर रहा है जो स्वदेश लौटना चाहते हैं।"ईरान में अभी लगभग 10,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं जिनमें से करीब 3,000 मेडिकल छात्र हैं, जबकि लगभग 4,000 धार्मिक सेमिनरी के छात्र हैं। इसके अलावा ईरान के तटीय क्षेत्रों में लगभग 2,000 भारतीय मछुआरे भी रहते हैं। इनके अतिरिक्त व्यवसायी, पर्यटक और हर वर्ष ईरान आने वाले हजारों शिया तीर्थयात्री भी शामिल हैं।

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को जारी परामर्श में कहा था कि ईरान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों, चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, व्यवसायी हों या पर्यटक, सभी को उपलब्ध परिवहन माध्यमों जिनमें वाणिज्यिक उड़ानें भी शामिल हैं के माध्यम से ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है। दूतावास ने आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किये थे। लोग दूतावास से मोबाइल नम्बर 989128109115, 989128109109,989128109102 और 989932179359 पर संपर्क कर सकते हैं। भारतीय दूतावास से ई मेल cons.tehran@mea.gov.in पर भी संपर्क किया जा सकता है।

इससे पहले विदेश मंत्रालय ने भी परामर्श जारी करते हुए कहा था कि ईरान में जारी घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की यात्रा से सख्ती से बचने की सलाह दी जाती है।

मंत्रालय ने इससे भी पहले 5 जनवरी को जारी परामर्श में भारतीय नागरिकों से ईरान की गैर-आवश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया था। मंत्रालय ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों से सतर्क रहने और प्रदर्शन प्रभावित क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी थी। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा था कि निवासी वीजा पर ईरान में रह रहे भारतीय नागरिक, यदि पहले से पंजीकृत नहीं हैं, तो भारतीय दूतावास में अपना पंजीकरण अवश्य कराएं।

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