वाशिंगटन , जनवरी 15 -- अमेरिका ने ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित हिंसक कार्रवाई करने और विदेशी बाजारों में तेल की बिक्री से होने वाली कमाई की हेराफेरी करने के आरोप में कई ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की है।

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक वीडियो संदेश में इन प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं। उन्होंने शासन के सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। ईरान के नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का जवाब सड़कों पर सामूहिक गोलीबारी से लेकर अस्पतालों और घायल पीड़ितों पर हमलों जैसी क्रूर हिंसा से दिया है।"श्री बेसेंट ने बताया कि वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय की ओर से 18 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी शासन इन संस्थाओं का उपयोग तेल पर लगे प्रतिबंधों से बचने और इससे होने वाली आय को ईरानी जनता की हित के बजाय कहीं और करता है। प्रतिबंधों की सूची में ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी का नाम भी शामिल है।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब श्री ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को सहायता का भरोसा दिया है। इससे पूर्व, श्री ट्रंप ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा कर चुके हैं, हालांकि पिछले कुछ दिनों के अपने आक्रामक रुख में थोड़ी नरमी के संकेत देते हुए उन्होंने बुधवार को कहा कि उन्हें बताया गया है कि ईरान में हत्याओं का सिलसिला अब रुक जाएगा।

इस बीच, कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट किया कि एक कनाडाई नागरिक की ईरान में 'ईरानी अधिकारियों के हाथों' मौत हो गयी है। उन्होंने हालांकि घटना के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा, "हमारे अधिकारी कनाडा में पीड़ित के परिवार के संपर्क में हैं और इस दुख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं उनके साथ हैं।" उन्होंने पीड़ित के विषय में कोई और जानकारी नहीं दी।

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