रामनगर , मार्च 05 -- अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के विरोध में रामनगर में विभिन्न सामाजिक और जनसंगठनों ने विरोध-प्रदर्शन किया है।

प्रदर्शनकारियों ने युद्ध अपराध का आरोप लगाते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहु का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी जताई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए हमलों को तुरंत बंद करने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने "साम्राज्यवाद तेरी कब्र खुदेगी एशिया की धरती पर", "मासूम बच्चों की हत्या बंद करो", "ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन बंद करो" और "ईरान की सड़कें लहूलुहान, राह दिखाता वियतनाम" जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किया जा रहा हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है और इससे एक स्वतंत्र देश की संप्रभुता पर सीधा हमला किया जा रहा है।

इसके बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहु न केवल ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि वहां स्कूलों, अस्पतालों और रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया जा रहा है। वक्ताओं का आरोप था कि हाल ही में एक स्कूल पर बमबारी में 150 से अधिक बच्चियों की मौत हो गई, जो बेहद निंदनीय और अमानवीय घटना है। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों और आम नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध है।

सभा में वक्ताओं ने यह भी कहा कि अमेरिकी साम्राज्यवाद दुनिया में अपने घटते प्रभुत्व के कारण बदहवास है और सैन्य ताकत के दम पर दुनिया पर अपना दबदबा बनाए रखना चाहता है। उनके अनुसार इस हमले के पीछे मुख्य उद्देश्य मध्य पूर्व क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करना है, जो रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और तेल-गैस जैसे प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी अमेरिका ने वेनेजुएला में हस्तक्षेप कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी का अपहरण किया था, जबकि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहु गाजा में भीषण नरसंहार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया इन घटनाओं की निंदा कर रही है, लेकिन भारत सरकार की ओर से ईरान पर हमले को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जो चिंताजनक है।

इस विरोध-प्रदर्शन में इंकलाबी मजदूर केंद्र के रोहित रुहेला और भुवन चंद्र, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिंवाल, गीता देवी और प्रभा देवी, महिला एकता मंच की ललिता रावत, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के प्रभात ध्यानी और मोहम्मद आसिफ, परिवर्तनकामी छात्र संगठन के रवि और बबली तथा साइंस फॉर सोसाइटी के गिरीश आर्य सहित कई लोग शामिल रहे।

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