तेहरान , अप्रैल 07 -- ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका-इजरायल ने अगर सैन्य कार्रवाइयां जारी रखीं तो वह यमन में अपने हूती सहयोगियों के माध्यम से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद कर देगा।
ईरान की यह धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस सख्त चेतावनी के तुरंत बाद आयी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर तेहरान आज (मंगलवार) रात 8:00 बजे अमेरिकन ईस्टर्न टाइम (ईरानी समय बुधवार सुबह 4:30 बजे) तक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की वाशिंगटन की शर्तों पर सहमत नहीं होता है तो 'पूरी सभ्यता खत्म हो जायेगी'।
वैश्विक तेल आपूर्ति में और अधिक बाधा डालने की चेतावनी देते हुए ईरान ने कहा कि 'अगर स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती है' तो तेहरान हूतियों से मदद मांगेगा, 'जो बाब-अल-मंदेब जलमार्ग को भी बंद कर देंगे'।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण है। ये विद्रोही पहले भी इस महत्वपूर्ण जलमार्ग और उसके आसपास जहाजों पर अक्सर हमले करते रहे हैं, जो लाल सागर में समुद्री डकैती और उग्रवाद का प्रमुख कारण रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की तरह ही, जिसे ईरान ने अमेरिका-इजरायल के संयुक्त अभियान के जवाब में बंद कर दिया है, बाब-अल-मंदेब भी पश्चिम एशिया से निर्यात होने वाले प्राकृतिक गैस और तेल उत्पादों का बड़ा मार्ग है।
ईरान पिछले कुछ समय से, विशेषकर मार्च की शुरुआत से ही बाब-अल-मंदेब पर हमले की योजना पर विचार कर रहा था। उसने पहले भी चेतावनी दी थी कि यदि हमले बढ़े तो इस जलमार्ग को निशाना बनाया जा सकता है।
यह जलडमरूमध्य लाल सागर से अरब सागर और उससे आगे जाने वाला दक्षिणी प्रवेश द्वार है। होर्मुज की तरह ही दुनिया की तेल आपूर्ति का लगभग 10 फीसदी हिस्सा इस रास्ते से गुजरता है। इसके दक्षिण में जिबूती और उत्तर में यमन की सीमा लगती है।
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