तेल अवीब , मार्च 22 -- ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने शनिवार रात एक खतरनाक मोड़ ले लिया, जब ईरान ने इजरायल के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद पर भीषण मिसाइल हमला किया। इन हमलों में 100 से अधिक लोग जख्मी हो गए जिनमें से 11 की हालत गंभीर है।

इन शहरों पर हुए हमलों का मुख्य उद्देश्य डिमोना के पास स्थित 'शिमोन पेरेज नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र' को निशाना बनाना था। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई इजरायल द्वारा नतांज परमाणु केंद्र पर किए गए हमलों के प्रतिशोध में की गई है।

ईरान के इन मिसाइल हमलों में दो बच्चों सहित 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 11 की हालत नाजुक बताई जा रही है। इजरायली मीडिया के अनुसार, देश की अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली कम से कम दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में विफल रही, जिसकी अब उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि डिमोना और अराद शहर नेगेव रेगिस्तान में स्थित हैं और इजरायल के संवेदनशील ढांचे का हिस्सा हैं। डिमोना को विश्व स्तर पर इजरायल के संदिग्ध परमाणु हथियार कार्यक्रम के केंद्र के रूप में जाना जाता है।

अराद शहर कई प्रमुख इजरायली रक्षा बलों के ठिकानों के पास स्थित है और परमाणु संयंत्र में काम करने वाले कर्मियों का आवासीय केंद्र भी है। ईरान ने इन दोनों शहरों को इसलिए चुना क्योंकि ये परमाणु बुनियादी ढांचे और सैन्य रसद की एक साझा श्रृंखला बनाते हैं।

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