वाशिंगटन , मार्च 26 -- पाकिस्तान के अनुरोध पर इज़रायल ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघर ग़ालिबाफ़ को अपनी 'हिट लिस्ट' से हटा दिया है।

इजरायली अखबार टाइम्स ऑफ़ इज़रायल ने रॉयटर्स के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। एक पाकिस्तानी अधिकारी के अनुसार इज़रायल के पास इन दोनों ईरानी हस्तियों को निशाना बनाने के लिए उनकी भौतिक स्थिति का पता लगाने वाले भौगोलिक आंकडें थे, लेकिन पाकिस्तान ने यह तर्क दिया कि उन्हें खत्म कर देने से बातचीत के लिए कोई भी भरोसेमंद राजनयिक संपर्क नहीं बचेगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने इज़रायल से पीछे हटने को कहा।

द यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों ईरानी अधिकारियों को चार से पाँच दिनों के लिए लक्षित सूची से हटा दिया गया है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के लिए दरवाज़ा खोल दिया है। तुर्की, पाकिस्तान और मिस्र के मध्यस्थ अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच जल्द से जल्द बातचीत कराने की कोशिशों में जुटे हैं। हालाँकि, अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच मतभेदों की खाई काफी गहरी होने के कारण किसी ठोस नतीजे पर पहुँचने की संभावनाएँ अभी भी कम ही हैं।

संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव में होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाने, उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाने और क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए वित्त पोषण बंद करने की मांग की गयी है। यह योजना ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों के साथ-साथ होर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा के मुद्दों को भी संबोधित करती है। इस जलडमरूमध्य को ईरान ने काफी हद तक अवरुद्ध कर दिया है, जिससे दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो रही है। अमेरिका ने यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से भेजा है। हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव ईरान के भीतर कितनी व्यापक रूप से प्रसारित हुआ है या क्या ईरान इसे बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार करेगा।

गौरतलब है कि 28 फरवरी से, अमेरिका और इज़रायल ने ईरान की मिसाइल सुविधाओं और परमाणु बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जबकि ईरान ने इज़रायल और पड़ोसी अरब देशों पर मिसाइलें दागना जारी रखा है। ईरान के पास अभी भी लगभग 440 किलोग्राम अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जिससे संभावित परमाणु तनाव बढ़ने की चिंताएं बढ़ गई हैं।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राजनयिक प्रयास जारी हैं, लेकिन कमांडर-इन-चीफ़ और पेंटागन द्वारा निर्धारित सैन्य उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' बिना किसी रुकावट के जारी है।

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