तेहरान , अप्रैल 19 -- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के "अविभाज्य अधिकार" को छीनने की स्थिति में नहीं हैं।

श्री पेजेशकियान ने रविवार को दिए बयान में कहा कि अमेरिका यह कहता है कि ईरान अपने परमाणु अधिकारों का उपयोग न करे, लेकिन यह नहीं बताता कि किस अपराध के लिए। उन्होंने कहा, "आखिर दुनिया में उसकी क्या हैसियत है कि वह किसी राष्ट्र को उसके वैधानिक अधिकारों से वंचित कर सके।" उन्होंने कहा कि मानवीय सिद्धांतों के अनुसार हर स्वतंत्र व्यक्ति, चाहे उसका धर्म, आस्था, नस्ल या जातीयता कुछ भी हो, अपने अविभाज्य अधिकारों का हकदार है।

श्री पेजेशकियान ने मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि वे अमेरिका और इजरायल के हमलों पर चुप हैं, जिनमें वैज्ञानिकों की हत्या की गयी और नागरिक क्षेत्रों तथा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। उन्होंने इन हमलों को "युद्ध अपराध" बताते हुए कहा कि यह विरोधियों की हताशा और विफलता का संकेत है।

श्री पेजेशकियान ने कहा कि ईरान क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उसने कभी युद्ध की शुरुआत नहीं की है। उन्होंने कहा, "हम शांतिप्रिय हैं और जो कर रहे हैं वह वैध आत्मरक्षा है।" उन्होंने ईरान के सशस्त्र बलों, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, सेना और बसीज स्वयंसेवी बल शामिल हैं, की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने दबाव और धमकियों के बावजूद डटे रहकर निर्णायक जवाब दिया है।

उन्होंने दावा किया कि ईरान ने व्यापक समर्थन प्राप्त महाशक्तियों के खिलाफ भी मजबूती से खड़े होने की क्षमता दिखाई, जबकि अपने उद्देश्यों में विफल रहने पर विरोधियों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए स्कूलों, अस्पतालों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों जैसे नागरिक ढांचे को निशाना बनाया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित