वाशिंगटन , मार्च 28 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान "बेहतरीन ढंग से" आगे बढ़ रहा है ।लेकिन इसी दौरान ईरान ने सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें 12 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गयी है।
श्री ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा, "ईरान में हमारा सैन्य अभियान बहुत अच्छा चल रहा है," हालांकि उन्होंने इस पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमला ईरान के साथ जारी एक महीने लंबे संघर्ष के दौरान अमेरिकी वायु रक्षा में "सबसे गंभीर सेंध" में से एक माना जा रहा है। रिपोर्टों में कहा गया है कि हमले के समय घायल सैनिक एक संरचना के भीतर मौजूद थे, जिस पर कम से कम एक बैलिस्टिक मिसाइल और कई ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में अमेरिकी सैन्य ईंधन भरने वाले विमानों को भी नुकसान पहुंचा।
इसी बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान "महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में" समाप्त हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान में जमीनी सैनिक भेजने की संभावना नहीं है।
श्री रुबियो ने फ्रांस में आयोजित जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेते हुए सहयोगी देशों से अधिक समर्थन की अपील की और कहा कि इस अभियान के उद्देश्यों को "अधिकतम साझेदार योगदान" के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका इस अभियान में तय समय के अनुसार या उससे आगे चल रहा है और इसे उपयुक्त समय पर समाप्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिना जमीनी सैनिकों के भी लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं, हालांकि संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए कुछ जमीनी बल तैनात किए जा रहे हैं।
इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने "ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4" के तहत अल-शुवैख बंदरगाह और दुबई के तटीय क्षेत्रों में अमेरिकी-इज़राइली बलों को निशाना बनाते हुए कई सटीक हमले किए।
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