नयी दिल्ली , मार्च 03 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेवप्पा रामपुरे मेडिकल कॉलेज (एमआरएमसी), कलबुर्गी में 2018 और 2024 के बीच हुए वजीफा घोटाले के संबंध में भीमाशंकर बिलगुंडी और मल्लन्ना एस मद्दारकी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।

ईडी ने यह जांच कर्नाटक के कलबुर्गी सिटी सीईएन अपराध थाना द्वारा डॉ. एसएम पाटिल, सुभाष (प्रबंधक, केनरा बैंक) और अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थीजांच में पता चला कि मुख्य आरोपी भीमाशंकर बिलगुंडी (तब हैदराबाद एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष और एमआरएमसी के प्रबंधक ) ने लेखा विभाग के कर्मचारी और मल्लन्ना एस. मद्दारकी (एचकेई सोसाइटी के कार्यालय अधीक्षक) की मदद से, एमआरएमसी के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्र के बैंक खाते में जमा की गयी 33,34,78,691 रुपये की वजीफा राशि निकाल ली थी।

आरोपियों ने नामांकन के समय छात्रों से हस्ताक्षरित खाली चेक लिए और बाद में उनमें ब्यौरे भरकर उनका भुगतान करा लिया, जिससे छात्रों को उनके वजीफे नहीं मिले। अप्रैल और मई 2025 के दौरान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत कर्नाटक के कलबुर्गी में नौ जगहों पर तलाशी अभियान चलाकर कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। भीमाशंकर बिलगुंडी के कई बैंक खाते और सह-आरोपी मल्लन्ना एस. मद्दारकी की अचल संपत्तियां ईडी ने जब्त कर ली हैं।

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