नयी दिल्ली , मार्च 24 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को हर्षा एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित मामले में हरिप्रसाद जयन्ना और गजानन वडेयार के नाम पर 1.66 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं।

ईडी के मैंगलोर उप-क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में पीएमएलए की जांच एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गयी थी। यह धारवाड़ उप-मंडल के कलाघाटगी पुलिस थाने में दर्ज की गयी थी। यह मामला सत्यबोध खासनिस उर्फ हर्षा, संजीव खासनिस, श्रीकांत खासनिस और अन्य के खिलाफ दर्ज था। इन पर ऊंची ब्याज दरों का लालच देकर लोगों से पैसे वसूलने का आरोप है। इसके बाद इन लोगों निवेशकों का पैसा नहीं लौटाया।

ईडी जांच में पता चला कि आरोपियों ने अपनी संस्थाओं 'हर्षा लाइफ लाइट' और 'हर्षा एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड' के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2009-10 और 2016-17 के बीच निवेश की गयी पूंजी पर चार प्रतिशत से छह प्रतिशत प्रति माह के अत्यधिक रिटर्न का वादा कर सार्वजनिक निवेशकों से बड़ी धनराशि जुटायी थी। पूछताछ में आगे यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने निवेशकों से जुटाये गये धन का उपयोग शेयर बाजार में ट्रेडिंग, फिल्म निर्माण और अन्य अस्पष्ट उद्देश्यों के लिए किया और वे निवेशकों को कुल 22.58 करोड़ रुपये की राशि लौटाने में विफल रहे।

जांच से यह भी पता चला कि आरोपियों की संस्थाओं के माध्यम से फिल्म निर्देशक पवन कुमार को धन प्राप्त हुआ था। उन्होंने उस पैसे के एक हिस्से का उपयोग अपने पिता गजानन वडेयार के नाम पर एलआईसी पॉलिसियां खरीदने के लिए किया। एक अन्य फिल्म निर्देशक हरिप्रसाद जयन्ना ने कथित तौर पर आरोपियों से नकद में प्राप्त धन का उपयोग अस्पष्ट उद्देश्यों के लिए किया।

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