मुंबई , जनवरी 09 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नागपुर जिला अध्यक्ष उत्तम काप्से और नागपुर स्थित अन्य शिवसेना नेताओं के आवासों एवं कार्यालयों पर 2021 के रेत तस्करी मामले में छापेमारी की। यह जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुई।

हालांकि ईडी की छापेमारी शुक्रवार सुबह शुरू हो गई थी लेकिन ईडी ने देर शाम तक छापेमारी में शामिल लोगों के नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। गौरतलब है कि ईडी की यह छापेमारी नगर निगम चुनाव से ठीक छह दिन पहले हुई है जो 15 जनवरी से शुरू होने वाले हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ईडी की यह छापेमारी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के लिए एक बड़ा झटका है हालांकि इसके राजनीतिक परिणाम अभी स्पष्ट नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि जिन व्यक्तियों के परिसरों की तलाशी ली गई उनमें से कुछ कथित रूप से कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री सुनील केदार से जुड़े हुए हैं। आज सुबह पांच बजे शुरू हुई यह छापेमारी नागपुर और दिल्ली से पहुंची ईडी की 10 टीमों द्वारा की गई। सूत्रों के अनुसार, साओनेर में उत्तम काप्से, प्रफुल्ला काप्से, विनोद गुप्ता, लक्ष्मीकांत सतपुते और दादू कोल्टे के परिसरों के अलावा, पाटनसावांगी में शरद राय और मनोज गायकवाड़ के कार्यालयों एवं आवासों तथा खापा में अमित राय के आवासों पर ईडी ने छापेमारी की।

सूत्रों के अनुसार, ईडी ने नागपुर के साओनेर, खापा, पाटनसावांगी और आसपास के इलाकों में लगभग 56 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें अवैध रेत खनन और उसके वित्तीय नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों के आवासों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।

सूत्रों के अनुसार, 2021 का रेत तस्करी का मामला नागपुर के तत्कालीन पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के कार्यकाल के दौरान दर्ज हुआ था, जिन्होंने जिले में अवैध रेत खनन गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई शुरू की थी। बाद में, धनशोधन कानूनों के प्रावधानों के तहत इस मामले को ईडी को सौंप दिया गया था।

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