नयी दिल्ली , अप्रैल 09 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने सुशील मोहता और साकेत मोहता द्वारा प्रवर्तित मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खिलाफ चल रही धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) जांच के सिलसिले में सात परिसरों पर छापेमारी की। छापेमारी में पता चला कि आरोपियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं ने कथित तौर पर जाली दस्तावेज बनाकर सार्वजनिक भूमि सहित कई भूखंडों पर धोखाधड़ी से कब्जा किया था।

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच में पता चला है कि सुशील मोहता, साकेत मोहता और उनसे जुड़ी संस्थाओं ने विभिन्न भूखंडों को अवैध रूप से हासिल करने के लिए जाली दस्तावेज बनाए। आरोपियों ने बाद में इन जमीनों का व्यावसायिक रूप से बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट परियोजनाओं को शुरू करके फायदा उठाया।

जाली दस्तावेजों के आधार पर खुद को वैध मालिक बताकर, उन्होंने कथित तौर पर आम जनता को इन परियोजनाओं में बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

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