नयी दिल्ली , अप्रैल 24 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 18 और 19 अप्रैल को कई राज्यों के छह अलग-अलग स्थानों पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (एफईएमए) जांच के तहत धन स्थानांतरित करने के मामले में विदेशी डेबिट कार्ड के इस्तेमाल को लेकर पूरे भारत में तलाशी अभियान चलाया है।

यह जांच भारत में 'द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआई)' नाम के एक आंदोलन और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों से संबंधित है। जांच में पता चला है कि अमेरिका के 'ट्रूइस्ट बैंक' से जुड़े विदेशी बैंक डेबिट कार्ड भारत लाए गए थे और उनका इस्तेमाल कई राज्यों में मौजूद एटीएम से बार-बार नकदी निकालने के लिए किया गया।

इस निकाले गए नकद का इस्तेमाल बाद में भारत में टीटीआई की गतिविधियों से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए किया गया। उल्लेखनीय है कि टीटीआई एक ऐसा संगठन है जो विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत नहीं है।

जांच में यह भी सामने आया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में कई लोग इस काम में शामिल थे। कुल 24 विदेशी डेबिट कार्ड माइकह मार्क के पास से बरामद किए गए। माइकह मार्क को बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर 'ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन' ने तब रोका था, जब वह इन कार्डों को भारत में लाने की कोशिश कर रहा था। ईडी द्वारा जारी किए गए 'लुक आउट सर्कुलर' (ऐसे संदिग्धों को रोकना जो जांच या अदालती कार्यवाही से बचने के लिए देश से भाग सकते हैं) के आधार पर उसे रोका गया था।

जांचकर्ताओं को 'वामपंथी उग्रवाद' से प्रभावित इलाकों में भी इन विदेशी डेबिट कार्डों का इस्तेमाल करके असामान्य और संदिग्ध तरीके से नकदी निकालने के मामले मिले हैं। इन इलाकों में छत्तीसगढ़ का धमतरी और बस्तर क्षेत्र शामिल है। पिछले कुछ सालों में इन इलाकों से लगभग 6.5 करोड़ रुपये निकाले गए हैं।

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