अहमदाबाद , दिसंबर 04 -- गुजरात के भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद ने यहां सफल दिव्यांग उद्यमियों को गुरूवार को सम्मानित किया।

इस अवसर पर दिव्यांग उद्यमियों को उनकी सीमाओं पर विजय पाने के साहस और सफलता के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित दिव्यांग उद्यमियों में कविता मोदी (रवि 555), चेतनाबेन पटेल (गुरुशक्ति डिटर्जेंट विनिर्माण) और कल्पेश मगनभाई पंड्या (इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बिक्री और मरम्मत) शामिल थे।

राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा ने समान अवसरों की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, "दिव्यांगजनों को जीवन के शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवा जैसे हर क्षेत्र में समान अवसर और अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।"डॉ. प्रद्युम्न वाजा ने आगे कहा,"भारत उन विकासशील देशों में से एक है जहां विकलांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए सबसे व्यापक नीतिगत ढांचा मौजूद है। सरकार, ईडीआईआई जैसे संगठनों के साथ मिलकर दिव्यांगजनों को सहायता प्रदान करने तथा उन्हें सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मैं डॉ. शुक्ला और उनकी टीम को दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उनके जीवन को सम्मान और अवसरों से समृद्ध बनाने के उनके प्रतिबद्ध प्रयासों के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं।"ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला ने इस अवसर पर कहा, "भारत एक समावेशी समाज के निर्माण हेतु आवश्यक कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नई सोच और नया परिवेश तेज़ी से विकसित हो रहा है।" लेकिन पूर्ण परिवर्तन के लिए यह आवश्यक है कि समाज लगातार, प्रतिबद्ध और सक्रिय कदम उठाए, जो लोगों को विकलांग लोगों के प्रति अपने विचार बदलने और समानता को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करें।

डॉ. शुक्ला ने कहा कि ईडीआईआई ने वर्ष 2020 में सामाजिक संरक्षण निदेशालय और गुजरात राज्य विकलांग (दिव्यांग) वित्त और विकास निगम, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, गुजरात सरकार के सहयोग से दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सीईडीए) की स्थापना की थी। संगठन ने अब तक 416 उद्यमिता और कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 14,754 दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडीएस) को प्रशिक्षित किया है, जिसके परिणामस्वरूप 984 उद्यमों की स्थापना हुई है। ईडीआईआई ने सफल दिव्यांग उद्यमियों को आज सम्मानित करके अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस मनाया।

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