बहराइच , जनवरी 09 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच में ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले प्रवासी श्रमिक परिवारों के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण से आच्छादित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। यह अभियान तीन चरणों में संचालित होगा, जिसमें 318 ईंट-भट्ठों पर रह रहे 0 से 5 वर्ष तक के करीब 2500 बच्चे और गर्भवती महिलाएं शामिल होंगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों की लगातार आवाजाही के कारण उनके बच्चे नियमित टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ईंट-भट्ठों की पहचान कर वहीं जाकर टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाएं देने की योजना बनाई है, ताकि कोई भी बच्चा या गर्भवती महिला सेवाओं से वंचित न रहे।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.के. सिंह ने बताया कि अभियान का पहला चरण 15, 16, 19 और 20 जनवरी को, दूसरा चरण 16, 17, 19 और 20 फरवरी को तथा तीसरा चरण 23, 24, 27 और 30 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इन तिथियों पर स्वास्थ्य टीमें भट्ठों पर पहुंचकर बच्चों का नियमित टीकाकरण करेंगी और गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, टीकाकरण व परामर्श भी दिया जाएगा।
डब्ल्यूएचओ एसएमओ डॉ. विपिन लिखोरे ने बताया कि टीकाकरण से बच्चों को टीबी, पोलियो, डिप्थीरिया, टिटनेस, खसरा, काली खांसी, रूबेला, निमोनिया, डायरिया, जेई, हेपेटाइटिस-बी और रोटावायरस जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। गर्भवती महिलाओं को टीडी के दो टीके लगाए जाएंगे।
मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चंद्र ने बताया कि ईंट-भट्ठे दूरस्थ क्षेत्रों में होने के कारण वहां रहने वाले परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होता है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने भट्ठों पर ही शिविर लगाकर सभी पात्र बच्चों और गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का निर्णय लिया है।
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