ईटानगर o, दिसंबर 8 -- अरूणाचल प्रदेश के ईटानगर में भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन उद्योग (एटीआईआई) के स्क्रीन अभिनय और वृत्तचित्र सिनेमा के विद्यार्थियों ने अवसंरचना की भारी कमी और पढ़ाई के लिए खराब माहौल का हवाला देते हुए अपना दूसरा सेमेस्टर शुरू करने से मना कर दिया है।
गौरतलब है कि एफटीआईआई ईटानगर भारत का तीसरा राष्ट्रीय फिल्म संस्थान है और इसे वैश्विक स्तर की सुविधाओं के वादे के साथ शुरू किया गया था। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक अधूरे परिसर में कक्षा में उपस्थित होने के लिए मजबूर किया गया, जहां कार्यात्मक स्टूडियो, एक प्रीव्यू थिएटर, साउंड स्टूडियो, पर्याप्त कैमरे, सही कक्षा और भरोसेमंद चिकित्सा सहायता सपोर्ट जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं।
विद्यार्थियों का कहना है कि दिसंबर 2024 की शुरुआत में ही सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविज़न संस्थान (एसआरएफटीआई) कोलकाता और सूचना प्रसारण मंत्रालय को खराब अकादमिक हालात से अवगत कराया गया है। उन्होंने मार्च और मई 2025 में दो बार पढ़ाई भी रोकी, लेकिन हर बार अवसंरचना में सुधार के आश्वासन के बाद कक्षाएं फिर से शुरू कर दीं, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ। विद्यार्थियों ने दावा किया कि अगस्त 2025 में कक्षाएं फिर से शुरू होने के बाद सभी निर्माण एवं विकास के काम पूरी तरह से रुक गया। उन्होंने कहा कि हाल ही में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से पूछे जाने पर और एसएफटीआई तथा सूचना प्रसारण मंत्रालय से आधिकारिक तौर पर बातचीत से अब यह बात सामने आई है कि परिसर अधूरा है और 2025 में नए विद्यार्थियों को दाखिला देने के लिए ठीक नहीं है, और अवसंरचना की कमी के कारण नए अकादमिक कथित तौर पर रोक दिए गए हैं। विद्यार्थियों के एक प्रतिनिधि ने कहा, "यह एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। अगर परिसर आज आधिकारिक तौर पर ठीक नहीं है, तो पिछले साल हमें दाखिला क्यों दिया गया था, जब हालात और भी खराब थे?" स्क्रीन अभिनय के विद्यार्थी ने कहा कि एक्टिंग की मुख्य पढ़ाई (खासकर ऑन-कैमरा और परफॉर्मेंस ट्रेनिंग) बिना ठीक स्टूडियो और तय एक्टिंग स्पेस के नहीं कराई जा सकती।
इसी तरह वृचचित्र सिनेमा के विद्यार्थियों ने कहा कि साउंड स्टूडियो, स्टूडियो फ्लोर और लगातार क्षेत्र आधारित संसाधन के बिना फिल्म मेकिंग की पढ़ाई नहीं हो सकती। विद्यार्थियों कहा कि अगर यही हालात रहे तो उनकी डिप्लोमा की डिग्री वैश्विक तकनीक मानक को पूरा नहीं कर पाएंगी। विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) गोवा समारोह के दौरान सूचना प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने की भी कोशिश की था, लेकिन उनका दावा है कि औपचारिक बातचीत के उनके आगर को नज़रअंदाज़ कर दिया गया। सरकार ने कथित तौर पर ईटानगर परिसर में नए दाखिले रोक दिए हैं।
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