चंडीगढ़ , जनवरी 09 -- पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने शुक्रवार को बताया कि 'ईज़ी रजिस्ट्री' पहल के तहत राज्य में जुलाई 2025 में इसकी शुरुआत से लेकर दिसंबर 2025 तक कुल 370967 रजिस्ट्रियां दर्ज की गयी हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ईज़ी रजिस्ट्री के तहत दस्तावेज़ों की ऑनलाइन प्री-स्क्रूटनी शुरू की गयी है, कार्यालय कार्यवाही में होने वाली देरी को काफी हद तक कम किया गया है और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में पहुंच आसान हुई है।
श्री मुंडिया ने कहा, ''सेल डीड की हस्ताक्षर-रहित प्रतियों की अब 48 घंटों के अंदर ऑनलाइन जांच की जाती है, जिससे परेशानी काफी घटी है और भ्रष्टाचार के रास्ते प्रभावी ढंग से बंद हुए हैं।'' उन्होंने आगे बताया कि जांच के दौरान उठाई गई सभी आपत्तियों की निगरानी सीधे तौर पर डिप्टी कमिश्नरों और एस.डी.एम. द्वारा की जाती है ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो और अनावश्यक रुकावटों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।"राजस्व मंत्री ने कहा कि 'पहले आओ, पहले पाओ' के सिद्धांत को लागू करने से लंबी-लंबी कतारें और पक्षपातपूर्ण व्यवहार से निजात मिली है, जिससे संपत्ति रजिस्ट्रेशन के दौरान वी.आई.पी. संस्कृति का खात्मा हुआ है। मुंडियां ने बताया कि आवेदकों को उनके दस्तावेज़ों संबंधी कार्यवाही के हर चरण जैसे जांच, भुगतान और अपॉइंटमेंट के बारे में ऑटोमेटेड व्हाट्सएप अपडेट भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी रूप में रिश्वत मांगने की रिपोर्ट करने के लिए एक सीधी शिकायत प्रणाली भी बनाई गई है ताकि ज़िला स्तर पर तुरंत निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित