बहराइच , दिसम्बर 03 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग एवं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के संयुक्त तत्वाधान में कतर्नियाघाट रेंज के ईको अवेयरनेस सेंटर में हाथी मानव संघर्ष प्रबंधन कार्यशाला का आज आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में डीएफओ कतर्नियाघाट, सूरज ने उपस्थित वन, पुलिस, कृषि विज्ञान, सिंचाई, विद्युत, पशुपालन, राजस्व और अन्य विभागों के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे हाथी संरक्षण में सक्रिय सहयोग दें और विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी ग्रामवासियों को प्रदान करें, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आए।

डीएफओ ने कृषकों को सुझाव दिया कि वे फसलों में बदलाव करके हाथियों से होने वाले नुकसान को कम कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हल्दी उत्पादन के साथ-साथ मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन के माध्यम से कृषक अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। इसके लिए इको विकास समितियों एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, डीएफओ ने थारू बाहुल्य ग्राम बर्दिया की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री के लिए कतर्नियाघाट पर्यटन केन्द्र में स्टाल आवंटित किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विकास विभाग के साथ समन्वय कर क्षेत्र की अन्य इच्छुक महिलाओं को प्रशिक्षण एवं हस्तशिल्प उत्पादन में सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वे स्वावलम्बी बन सकें।

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