न्यूयॉर्क , मार्च 11 -- क्यूबा में ईंधन की कमी ने एक मानवीय संकट पैदा कर दिया है, जिससे इस द्वीपीय देश की स्वास्थ्य प्रणाली एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गई है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, "हम ईंधन आयात करने में असमर्थता के कारण बिगड़ती स्थिति को लेकर गहराई से चिंतित हैं। इसने ऊर्जा संकट को जन्म दे दिया है।" उन्होंने एक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि संयुक्त राष्ट्र बिना किसी बाधा के क्यूबा तक सहायता पहुंचाने के लिए अमेरिका सहित सदस्य देशों के साथ बातचीत कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा कि अस्पतालों को बार-बार बिजली कटौती, आवश्यक दवाओं की कमी और महत्वपूर्ण उपकरणों को चलाने में असमर्थता का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कैंसर उपचार, डायलिसिस, आपातकालीन सेवाओं, शिशु और मातृ देखभाल, कोल्ड-चेन सिस्टम के साथ-साथ पुरानी और गैर-जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं में भारी व्यवधान आ रहा है।
कार्यालय ने बताया कि लगभग 16,000 कैंसर रोगियों को रेडियोथेरेपी की आवश्यकता है और कीमोथेरेपी पर निर्भर 12,000 से अधिक लोगों को बिजली कटौती और संसाधनों की कमी के कारण आवश्यक उपचार नहीं मिल पा रहा है। एम्बुलेंस को ईंधन पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिससे आपातकालीन देखभाल में देरी हो रही है।
ओसीएचए के अनुसार, लगभग दस लाख लोग टैंकर ट्रकों द्वारा पहुंचाए जाने वाले पानी पर निर्भर हैं, जिनके लिए ईंधन की आवश्यकता होती है। पानी पंप करने वाले 80 प्रतिशत से अधिक बुनियादी ढांचे बिजली पर निर्भर हैं, जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर और लंबे समय तक सेवा बाधित हो रही है।
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