चेन्नई , अप्रैल 14 -- मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस वर्ष के दौरान पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसम (जून से सितंबर तक) में वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान लगाया है।

चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के कार्यालय ने मंगलवार को 2026 में दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसमी वर्षा के दीर्घकालिक पूर्वानुमान की प्रमुख विशेषताओं की घोषणा करते हुए कहा कि मात्रात्मक रूप से इस वर्ष के दौरान पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसमी वर्षा दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का 92 प्रतिशत होने का अनुमान है, जिसमें त्रुटि पांच प्रतिशत ज्यादा या कम हो सकती है।

1971-2020 के आधार पर पूरे देश में मानसून के मौसम की वर्षा का एलपीए 87 सेमी है। भौगोलिक दृष्टि से, पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में वर्षा सामान्य से अधिक रह सकती है जबकि देश के कई हिस्सों में मौसमी वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 के दौरान अल नीनो-दक्षिणी विचलन (ईएनएसओ) के तटस्थ रहने की प्रबल संभावना है। इसके बाद, दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान अल नीनो की स्थिति बनने का अनुमान है।

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