पटना , जनवरी 30 -- बिहार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने शुक्रवार को कहा कि जल के दोहन के अनुपात में भूगर्भ जलस्तर को रिचार्ज करना आवश्यक है, जिससे आने वाले समय में कुदरत की इस सबसे कीमती चीज का लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिल सके।

श्री सुमन ने आज यहां विभाग की ओर से आयोजित एक दिवसीय जलभृत का विकास (डेवलपमेंट ऑफ एक्यूफर) विषयक कार्यशाला को संबोधित करते हुये कहा कि प्रकृति का बहुमूल्य तोहफा पानी है। इसका जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि आज देश और बिहार के कुछ हिस्सों में जल संकट की समस्या खड़ी हो चुकी है। हमें चाहिए कि जल के दोहन के अनुपात में भूगर्भ जलस्तर को रिचार्ज करें, जिससे आने वाले समय में हम कुदरत की सबसे कीमती चीज आने वाली पीढ़ियों को सौंप सकें।

मंत्री श्री सुमन ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में उत्पन्न होने वाली संकट के प्रति पहले से सचेत है। यही वजह है कि वर्ष 2019-20 में जल-जीवन-हरियाली अभियान का शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभियान की सफलता और उसके दूरगामी परिणाम को देखते हुए आगामी पांच सालों के लिए इसकी महत्वपूर्ण भूमिका तय कर दी है।

श्री सुमन ने कहा कि सूखे क्षेत्र में आने वाले जिलों में लघु संसाधन विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में भूगर्भ जलस्तर के रिचार्ज करने की कवायदों और सफलताओं को आने वाले समय में लोग याद रखेंगे।

इस अवसर पर लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी ने कहा कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है। यहां तीन फसलों की खेती की जाती है। खेती में सिंचाई का बड़ा महत्व है। हमें यह कोशिश करनी चाहिए कि भूगर्भ जल की कम खपत होने वाली तकनीकों और फसलों को बढ़ावा दें।

सचिव ने कहा कि भूगर्भ जलस्तर की आगामी 200 सौ साल के भविष्य को देखते हुए जल का सही इस्तेमाल किया जाय। कुछ साल पहले राज्य में शुरू परियोजनाओं के फलस्वरूप ही भूगर्भ जलस्तर में सुधार हुआ है। इसे भविष्य में भी बरकरार रखने की जरूरत है।

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