कोलकाता , मार्च 08 -- पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने रविवार को कहा कि पद छोड़ने का फैसला पूरी तरह उनका अपना और सोच-समझकर लिया गया निर्णय है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले दिये गये इस्तीफे को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दिल्ली से कोलकाता लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "यह मेरा सचेत निर्णय है। अब विदा कहने का यही सही समय है। एक व्यक्ति को जाना होता है ताकि दूसरा आ सके।"श्री बोस ने पश्चिम बंगाल में अपने कार्यकाल को "बेहद शानदार अनुभव" बताते हुए राज्य के लोगों के प्रति आभार भी जताया। उन्होंने हाथ जोड़कर पत्रकारों का अभिवादन किया और कहा कि अब वह चौरंगी विधानसभा क्षेत्र के मतदाता बन गए हैं, जिसे उन्होंने "दोगुनी खुशी" बताया।

उन्होंने हालांकि अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह आगामी चुनाव लड़ेंगे या किसी अन्य भूमिका में जाएंगे, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अपने इस्तीफे के कारणों का खुलासा वह "उचित समय" पर करेंगे।

पत्रकारों ने जब उनसे सिलीगुड़ी में हाल ही में राज्य प्रशासन और राष्ट्रपति कार्यालय के बीच हुए अभूतपूर्व टकराव को लेकर सवाल किया तो श्री बोस ने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, "एक विदा लेते राज्यपाल के रूप में इस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन राष्ट्रपति एक बहुत अच्छी और सम्मानित महिला हैं।"इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनके इस्तीफे के घटनाक्रम पर आश्चर्य जताते हुए संकेत दिया था कि इस फैसले के पीछे दबाव हो सकता है और इसमें भाजपा की भूमिका हो सकती है।

श्री बोस ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश में कहा था कि बंगाल में उनकी पारी अब समाप्ति की ओर है। उन्होंने राज्य के लोगों के स्नेह और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि अब वह अपने गृह राज्य केरल में 'विकसित भारत' के लक्ष्य के लिए काम करेंगे।

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