नयी दिल्ली , दिसंबर 04 -- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अगले चार महीनों में सात मिशन अंतरिक्ष के लिए रवाना करेगा।

राज्य सभा में गुरूवार को सरकार की ओर से एक लिखित जवाब बताया गया है कि न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) ने वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और वाणिज्यिक उपग्रहों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

एनएसआईएल ग्राहकों की मांग को पूरा करने के लिए मांग-आधारित वाणिज्यिक उपग्रह मिशन चला रहा है। अंतरिक्ष विभाग द्वारा मार्च 2026 तक निर्धारित सात प्रमुख मिशनों में एलवीएम3 एम6/एनएसआईएल का प्रक्षेपण शामिल है। यह मेसर्स एएसटी स्पेसमोबाइल इंक. यूएसए के ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह का समर्पित वाणिज्यिक प्रक्षेपण होगा।

इसके अलावा पीएसएलवी सी62/ईओएस एन1 एनएसआईएल द्वारा सामरिक उपयोगकर्ता के लिए प्रक्षेपण किया जाएगा, जिसके साथ विभिन्न भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय उपयोगकर्ताओं के 18 सह उपग्रह भी होंगे।

साथ ही एचएलवीएम3 जी1/ओएम1 मिशन को रवाना किया जायेगा जो गगनयान कार्यक्रम का पहला मानवरहित मिशन होगा।

गौरतलब है कि एनएसआईएल भारतीय ग्राहकों की डीटीएच (डायरेक्ट-टू-होम) और ब्रॉडबैंड आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दो वाणिज्यिक संचार उपग्रहों को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर चुका है। इसके अतिरिक्त, अगले तीन से चार वर्षों में कम से कम तीन और वाणिज्यिक संचार उपग्रहों को लॉन्च करने की योजना है।

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