चेन्नई , जनवरी 01 -- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का इस वर्ष का पहला मिशन संभवतः 10 जनवरी को श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष पोर्ट से विश्वसनीय पीएसएलवी-सी 62 रॉकेट द्वारा ईओएस-01 इमेजिंग उपग्रह और 18 छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण के साथ शुरू होगा। सोशल मीडिया एक्स पर इसरो स्पेसफ्लाइट की एक पोस्ट के अनुसार, प्रक्षेपण प्रथम लांच पैड से होगा और "पीएसएलवी-सी62 का प्रक्षेपण अब अस्थायी रूप से 10 जनवरी को निर्धारित किया गया है।"इसमें आगे कहा गया है, "ईओएस-एन1 उपग्रह, जो पीएसएलवी-सी62 का पेलोड है वह 26 दिसंबर को श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष पोर्ट पर पहुंच गया है और 10 जनवरी को इसके प्रक्षेपण की उम्मीद है।"इसके तुरंत बाद फरवरी में व्यावसायिक रूप से निर्मित पहले ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन,पीएसएलवी -एन1 का प्रक्षेपण किया जाएगा। पीएसएलवी -एन1, ईओएस -10 उपग्रह और भारत-मॉरीशस संयुक्त उपग्रह (आईएमजेएस) को अंतरिक्ष में ले जायेगा। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पीएसएलवी सी-62, बहुमुखी और सबसे विश्वसनीय पीएसएलवी की 64वीं उड़ान होगी और पीएसएलवी -सी61 के बाद इसकी वापसी का मिशन होगा।
यह मिशन 10 जनवरी को कई पेलोड के साथ प्रक्षेपित किया जाना है। इस मिशन का प्राथमिक पेलोड डीआरडीओ द्वारा रणनीतिक उद्देश्यों के लिए निर्मित ईओएस-एन1 इमेजिंग उपग्रह होगा। इसके अलावा, स्पेन स्थित स्टार्टअप ऑर्बिटल डेमोंस्ट्रेटर द्वारा विकसित 25 किलो का एक छोटा फुटबॉल के आकार का प्रोब भी उड़ान भरेगा।इसे केस्ट्रेल इनिशियल डेमोंस्ट्रेटर (केआईडी) कहा जाता है।
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