नयी दिल्ली , जनवरी 02 -- सरकार ने इलेक्ट्रानिक सामानों के घरेलू प्रोत्साहन को बढ़ावा देने की योजना- इलेक्ट्रानिक सामानों के घटकों के विनिर्माण की योजना (ईसीएमएस) के तहत कुल 41,863 करोड़ रुपये के निवेश के 22 और प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इन प्रस्तावों पर अमल होने पर करीब 34 हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। सरकार इससे पहले इस योजना के तहत 12704 करोड़ रुपये के निवेश के 24 प्रस्तावों को मंजूरी दे चुकी थी। नये प्रस्तावों के तहत कुल 2.58 लाख करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादन का अनुमान है।
नये स्वीकृत प्रस्तावों में 11 चिह्नित खंडों के इलेक्ट्रानिक हिस्से पुर्जों के विनिर्माण के लिए है। इसके अलावा पांच प्रस्ताव पीसीबी, कैपैसिटर ,कनेक्टर, एनक्लोजर तथा लिथियम-आयन सेल जैसे बेयर-कंपोनेट, तीन प्रस्ताव कैमरा मॉड्यूल , डिस्प्ले मॉड्यूल और आप्टिकल ट्रांससीवर के लिए और तीन प्रस्ताव अल्यूमिनियम एक्सट्र्यूजन, एनॉड सामग्री तथा कॉपर क्लैड आदि आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े उत्पादों के विनिर्माण के लिए हैं।
इन प्रस्तावों के तहत आठ राज्यों -आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में निवेश होगा।
इन नये स्वीकृत प्रस्तावों के साथ इस योजना के तहत अब तक 11 राज्यों में निवेश के कुल 46 आवेदन मंज़ूर किये गये हैं जिनमें कुल 54,567 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे लगभग 51,000 लोगों को सीधे रोज़गार मिला है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन निर्णयों पर कहा कि इस कार्यक्रम से देश में इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण परिवेश मज़बूत हुआ है और घरेलू मांग का एक बड़ा हिस्सा देश में ही पूरा किया जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत को अगले बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के तौर पर देखा जा रहा है और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच देश एक भरोसेमंद पार्टनर के रूप में उभर रहा है।
मेइटी के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि मौजूदा चरण में मंज़ूर किए गए प्रस्ताव देश में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माणस अपूर्ति श्रृंखला मज़बूत करने के लिए सरकार ने एनपीएसपीएल एडवांस्ड मैटेरियल्स प्रा लि को एनोड मटेरियल बनाने की मंज़ूरी दी गई है, जो लिथियम-आयन सेल बनाने के लिए एक ज़रूरी चीज़ है । इसी तरह विप्रो ग्लोबल इंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रॉनिक मैटेरियल्स प्रा लि को लैमिनेट (कॉपर क्लैड) बनाने की मंज़ूरी दी गई है, जो पीसीबी बनाने के लिए बुनियादी सामग्री है। इसी तरह प्रमुख एल्यूमिनियम विनिर्माता हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने मोबाइल फोन के एनक्लोजर के लिए एल्युमिनियम एक्सट्रूज़न बनाने की मंज़ूरी प्राप्त की है जो अभी पूरी तरह आयात किया जाता है।
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