नयी दिल्ली , जनवरी 16 -- सरकार ने ई-कॉमर्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) निर्यातकों को प्रोत्साहन देने के एक महत्वपूर्ण कदम के तहत डिजिटल तरीके से डाक के जरिए किए गए निर्यात पर भी ड्यूटी ड्रॉबैक तथा राज्यों और केंद्रीय करों की वापसी अथवा समन की योजनाओं का लाभ देने का निर्णय गुरुवार से लागू कर दिया है।

ड्यूटी ड्राबैक निर्यात माल तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले आयातित कच्चेमाल और सामानों पर लगे आयात शुल्क को समायोजित करने की योजना है। इसी तहत सरकार निर्यात माल को घरेलू शुल्कों, करों तथा उपकरों के बोझ से मुक्त रखने के लिए भी छूट या वापसी की योजनाएं लागू कर रखी हैं। राज्य स्तरीय शुल्क और करों को वापस करने की निर्यातित उत्पादों पर शुल्कों और करों की छूट" (आरओडीटीईपी) योजना और केंद्रीय तथा राज्य स्तरीय शुल्कों और लेबी को वापस करने की राज्य और केंद्रीय करों और लेवी पर छूट की योजना (आरओएससीटीएल) योजना का लाभ अब ई-काॅमर्स के तरीके से डाक के जरिये भेजे जाने वाले माल पर मिलेगा।

इन योजनाओं को अप्रत्यक्ष कर एजेंसी - केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के माध्यम से लागू किया जाता है।

वित्त मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह ऐतिहासिक कदम डाक चैनल का उपयोग करने वाले निर्यातकों को समान अवसर प्रदान करने तथा इलेक्ट्रानिक बाजार माध्यम से विदेश में सामान बेचने के अवसरों के विस्तार के लिए एक अनुकूल और समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस पहल से विशेष रूप से छोटे शहरों और दूरदराज़ क्षेत्रों में स्थित एमएसएमई निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय वृद्धि होने तथा डाक निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

सीबीआईसी ने डाक निर्यात (इलेक्ट्रॉनिक घोषणा और प्रसंस्करण) विनियम, 2022 में संशोधनों के तहत लागू किये हैं। निर्यात तक अब ई-वाणिज्य के रूप में डाक से निर्यात किये गए माल पर ड्यूटी ड्रॉबैक, आरओडीटीईपी औरआरओएससीटीएल के लाभों का दावा कर सकेंगे।

ई-कॉमर्स के जरिए निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए, सीबीआईसी ने डाक विभाग के सहयोग से दिसंबर 2022 में एक नये 'हब एंड स्पोक' मॉडल (धुरी और तीलियों वाला मॉडल) शुरू किया। इसके तहत छोटे माल के निर्यातक भारतीय डाक राष्ट्रीय नेटवर्क का लाभ उठा कर माल डाक के जरिए विदेश भेज सकते हैं। देश भर में 1,000 से अधिक डाक निर्यात केंद्र अधिसूचित किये गये हैं। ये केंद्र विशेष रूप से एमएसएमई और छोटे निर्यातकों को लाभ पहुँचाते हुए निर्यात पार्सलों की बुकिंग, एकत्रीकरण और प्रसंस्करण की सुविधा प्रदान करते हैं।

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