लखनऊ , दिसम्बर 15 -- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं इलाहाबाद संग्रहालय समिति की अध्यक्ष आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारतीय इतिहास में मेवाड़ का स्थान अत्यंत गौरवपूर्ण और अद्वितीय है।
उन्होने कहा कि राणा सांगा का रण-कौशल, महाराणा प्रताप का अदम्य साहस और महाराणा अमर सिंह का अमर बलिदान भारत की सनातन परंपराओं, आत्मसम्मान और राष्ट्रबोध के उज्ज्वल प्रतीक हैं। मेवाड़ शैली के चित्र केवल कला कृतियाँ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवित स्मृतियाँ हैं, जो कालातीत होकर आज भी हमें प्रेरणा देती हैं।
सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजस्थान के उदयपुर स्थित सिटी पैलेस में आयोजित कला प्रदर्शनी "प्रेमार्पण" का विधिवत उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी इलाहाबाद संग्रहालय और सिटी पैलेस संग्रहालय, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई है, जिसमें मेवाड़ कला शैली में निर्मित इलाहाबाद संग्रहालय के 48 तथा सिटी पैलेस संग्रहालय के 35 दुर्लभ लघु चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल ने गवर्नमेंट गर्ल्स सेकेंडरी स्कूल, उदयपुर की छात्राओं को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय ऐतिहासिक चेतना के पुनर्जागरण का काल है। संविधान के 75 गौरवपूर्ण वर्ष, सरदार वल्लभभाई पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष और वंदे मातरम् के 150 वर्ष राष्ट्र-चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। यह समय अपने इतिहास को केवल स्मरण करने का नहीं, बल्कि उसकी आत्मा को आत्मसात करने का है।
उन्होंने मेवाड़ न्यास द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शंभूरत्न पाठशाला (1863) और प्रथम कन्या विद्यालय (1866) जैसी संस्थाएँ आज भी सैकड़ों बालिकाओं के सर्वांगीण विकास का आधार हैं। महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन, उदयपुर के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह द्वारा विद्यादान की परंपरा को आगे बढ़ाना प्रेरणादायी है।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने छात्राओं को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि वे अपने ज्ञान, संकल्प और मूल्यबोध के बल पर समाज, प्रदेश और राष्ट्र का गौरव बढ़ाएँगी।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और स्वाभिमानी बनकर विश्व मंच पर एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विदेश नीति, रक्षा, अंतरिक्ष, शिक्षा और कृषि सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का प्रतीक है।
राज्यपाल ने कहा कि जिस राष्ट्र के इतिहास में प्रकाश होता है, उसके भविष्य में अंधकार नहीं होता। हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित और जीवंत बनाए रखना होगा।
इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चल रहे निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान का भी उल्लेख किया तथा बच्चों और किशोरों से मोबाइल फोन के सीमित उपयोग की अपील की।
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